बीती रात सपने में लालू से टकरा गया। वे अपने अावास पर थे। एक कुसीॆ पर बैठ दूसरे पर पैर पसार खैनी मल रहे थे। कुछ टेंशन में लग रहे थे। रोज घेरे रहनेवाले चेहरे गायब थे। पूछा तो बोले-लाइफ में वाइफ से बड़ा टेंशन है भाई। मुझ खबरची को लगा िक कुछ एक्सक्लूिसव मामला है। तुरंत कागज-कलम िनकालने लगा। लालू भड़क गये। इ का करते हो। एको िमनट फुरसत में नहीं रहने दोगे का? अभी सरदार जी की कुसीॆ बचा के तनी फुरसत में अाये थे िक घुस अाये घर में। मामला िबगड़ता देख मैंने यू टनॆ िलया। कहा हम भी त यही मौका के तलाश में थे िक कब अाप फुरसत में िमले िक कुछ एने-अोने का बात हो। देखो भाई हम कुछ िछपाते तो नहीं हैं,बाकी िववादास्पद बात मत करना। कहीं कुछ लटपट मुंह से िनकल गया,तो अजबे-गजब हो जायेगा। मैनें उन्हें िदलासा िदया िक एेसी बातों को हम एिडट कर देंगे। वे नानुकुर के बाद ॆ तैयार हो गये बितयाने के िलए,लेिकन साफ कह िदया िक सब अॉफ दी िरकाडॆ होगा। हमारी बातचीत शुरू हुई।
सवालः अाप लाइफ में वाइफ से टेंशन के बारे में कुछ कह रहे थे?
जवाबः अा गये न िफर उलटा-सुलटा सवाल पर। अरे इहो कोई सवाल है। लाइप में वाइफे से न टेंशन होगा?
सवालः कइसा टेंशन?
जवाबः भारी बुरबक हो। सरदार जी की कुसीॆ बचाये हम अउर कुल कऱेिडट मुलायम-अमर ले उड़े त कोई वाइफ खुश होगी का?
सवालः अाप तो इतनी छोटी बात पर पिहले कभी टेंशिनयाते नजर नहीं अाये, इस बार काहे का टेंसन?
जवाबः सोिनया जी सब समझती हैं,जादा टेंशन नहीं है। मुलायम से तो हम पिहले से फिरयाते रहे हैं, बाकी उसका इ सलाहकार अमर का कुछ पता नहीं चलता। इहे असली टेंशंन है। सरदार जी की कुसीॆ बचाने में उ एतना खेल िकया िक हमरो टेंशन होने लगा। गजबे िदमाग चलता है उसका। वइसे हमहू लइकाइये से तोड़-फोड़ मास्टर रहे हैं, बाकी उ तो िपऱिसंपल िनकल गया। मूड़ीकटवा पाटीॆवाला सब उसको फंसाने का चाल चला, लेिकन उलटे उसी सब को कटघरे में खड़ा कर िदया। देखो अकबकी में अडवाणी जी भी घुलिटया गये हैं। उसका दस गो अादमी फोड़ िलया। तुम्हारी भाषा में अपना टीअारपी बढ़ा िलया।
सवालः अाप भी तो सरकार के खेवनहार माने जाते हैं?
जवाबः उ त हम हइये हैं। बाकी लेफ्टवाला सब मुलायम-अमर को मौका दे िदया। नहीं तो सब अरामे से चल रहा था। करात-येचुरी को तो हम खेला ही रहे थे। इ अमरवा एगो बौरो िखलाड़ी टीम में अा गया। इहे असली टेंशन है। वइसे सोिनया जी भी मौका देख चुप हैं, नहीं तो इ अमरवा कौनो कम लटपट बोलता था सोिनया मैडम को?
सवालः कैसे िनबटेंगे मुलायम-अमर जोड़ी से?
जवाबः इहे त असली टेंशन है भाई। एकरे पर िचंतन-मनन के िलए अकेले में खैनी खाकर फुरसत से बैठे थे िक तुम टपक गये।
सवालः असली बात,तो अाप बताये ही नहीं िक लाइफ में वाइफ से कैसे टेंशन है?
जवाबः सब एके बार पूछ लोगे िक कलहूं के िलए कुछ छोड़ोगे? कल अाना बतायेंगे। अॉफ दी िरकाडॆ का यही तो फायदा है िक बात कर मन भी हल्का हो जाता है अउर बात एेने-अोने होने का भी खतरा नहीं होता।
नोटः अगला इंटरव्यू जल्द ही।
Aug 17, 2008
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