May 29, 2009

लालू को िमली फुरसत

साधु का सब सधुअई भुलवा देंगे
यूपीए का वोट सत्यनारायण भगवान के परसादी जैसा बंट गया
सलालू जी की पाटीॆ लोकसभा चुनाव में धराशायी हो गयी। कांगऱेस ने साथ छोड़ िदया। साला साधु यादव उनको धिकयाकर चलते बने। धुर िवरोधी रहे रामिवलास पासवान का साथ िमला, लेिकन दोनों को जनता ने ठुकरा िदया। सत्ता गयी और अपने भी छोड़ गये। लालू जी भारी फेरा में फंसे हैं। एेसे ही माहौल में लालू जी िमल गये। िमलते ही पूछे, अब बताने के िलए हमरा पास कुछो नहीं है। अभी बहुत टेंशन में हैं। बाद में बात करेंगे। बहुत िदन के बाद फुरसत िमला है। गाय-गरु को देखना है। बेटवा को अाइपीएल में िदल्लीवाला खरीदा बाकी िबना एको मैच खेलाये साउथ अफऱीका से लौटा िदया। सब मामला देखना है। कुछ िदन नन पोिलिटकल वकॆ के बाद िफर से ताजादम होकर लौटेंगे, तो बितयायेंगे।बाकी अा गये हो, तो कुछ पुछ लो बोल देंगे। इस तरह लालू जी ने िदया अॉफ दी िरकाडॆ इंटरव्यू।
सवालः साधु यादव का क्या हो गया है?जवाबः उसको गुमान हो गया है। अपना को बड़का नेता समझ िलया है। उ तो हम राबड़ी के कहने पर उसको पोलिटक्स में लाये नहीं तो गांव में भइसे न चराता। देर-सबेर उसको बुझायेगा। जब कांगऱेस ने लालू को साइडलाइन कर िदया, तो साधु िकस खेत का मुरई है। जादा िदन नहीं, उ िफर इधरे मुंह मारे अायेगा। बाकी अबकी बार उसका सब सधुअई भुलवा देंगे .
िबहार की जनता ने अापको क्यों खािरज कर िदया?
जवाबः हमको कहां खािरज िकया? खािरज तो उनको िकया, जो अपने दम पर लड़कर िबहार में मैदान मारने का सपना देख रहे
अापका इशारा कांगऱेस की अोर है?
जवाबः और क्या। देख लो, न खुदा िमला न िवसाले सनम। होमरो गेम खराब कर िदया। यूपीए का वोट सत्यनारायण भगवान के परसादी जैसा बंट गया।
सवालः अागे की क्या रणनीित है?
जवाबः अागे का अागे बोलेंगे। अभी हम बस इतना कहेंगे िक सत्ता के खेल िकऱकेट नहीं हैं। ो लोग लालू को हताश मान रहे हैं, उनको भी पता है िक हम कौन किरश्मा कर सकते हैं।
सवालः रामिवलास पासवान का साथ होने से तो घाटा नहीं हुअा?
जवाबः सब िवरोधी यही हवा बना रहा है। बाकी हम पासवान जी से खाली हाथे नहीं िमलाये हैं, िदल भी िमलाये हैं। जहां तक घाटा का सवाल है, उतो हमको साधु जैसे लोगों को साथ रखने से जादा हुअा है। हम अब दल में झाड़ू लगायेंगे और सधुवन जइसा को बहार कर बाहर
सवालःसोिनया मैडम ने भी बुरे वक्त में अापको झटक िदया?
जवाबः हमको झटकने-फटकने का कोई मलाल नहीं है। हम चाहते थे िक देश सांपऱदाियक ताकतों के हाथ में नहीं जाये। वह नहीं गया और हम इसी में खुश है।